सोना-चांदी में भारी गिरावट: डॉलर मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव का असर
गुरुवार, 3 अप्रैल को सोना और चांदी की कीमतों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान के बाद बाजार में अस्थिरता बढ़ गई। एमसीएक्स पर सोना 6,600 रुपए तक सस्ता हुआ और चांदी में 19,000 रुपए से ज्यादा की गिरावट देखी गई। सोना अब 1,48,279 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,28,522 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति
कोमेक्स पर सोने की कीमत में 3.07 प्रतिशत की गिरावट हुई और यह 4,629 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं चांदी करीब 6 प्रतिशत यानी 4.50 डॉलर गिरकर 71 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करने लगी। जिगर त्रिवेदी, सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, इंडसइंड सिक्योरिटीज ने बताया कि ट्रंप के ईरान संबंधी बयान और अमेरिका की रणनीतिक स्थिति पर अस्पष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशक सतर्क हो गए।
ट्रंप के बयान का असर
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के ईरान में रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन अगले 2-3 हफ्तों तक “कड़ा प्रहार” जारी रहेगा। इस बयान के बाद निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने से हटकर डॉलर की तरफ शिफ्ट हो गया। डॉलर की मजबूती ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञ राय
अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी ने कहा कि वर्तमान समय में बाजार ‘बेस्ट एक्यूमुलेशन जोन’ में नहीं है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि आक्रामक निवेश करने से पहले सही समय का इंतजार करना बेहतर रहेगा। यदि कोई व्यक्ति व्यक्तिगत जरूरतों जैसे शादी-ब्याह या घरेलू खर्च के लिए खरीदारी कर रहा है, तो मौजूदा स्तरों पर सोना और चांदी खरीदना ठीक है।
बाजार के आंकड़े
एमसीएक्स पर जून डिलिवरी वाले सोने में 3.53 प्रतिशत यानी 5,429 रुपए की गिरावट दर्ज हुई। सोने का हाई 1,52,490 रुपए और लो 1,47,100 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं, मई डिलिवरी वाली चांदी में 5.93 प्रतिशत यानी 14,435 रुपए की भारी गिरावट आई। चांदी का हाई 2,42,800 रुपए और लो 2,24,500 रुपए प्रति किलोग्राम रहा।
निष्कर्ष
भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की मजबूती का असर सोने-चांदी के बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और बाजार के सही समय का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर सीमित खरीदारी जारी रखी जा सकती है, लेकिन बड़े निवेशों में सावधानी बरतना जरूरी है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोत और वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।








